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13 January, 2019

Mahadevi Verma In Hindi Story

Mahadevi Verma In Hindi. hello dosto aap sabhi ka tricks in hindi blog par bahut bhaut sawagat hai, dosto is blog par technology se releted post share kiye jate ahi par mai socha ki kuch dino baad exma aa raha hai to kyu na ek lekhak ka jiska name mahadevi verma hai to unka hi jeevan parichay likha jaye to chaliye shuru karte hai Mahadevi Verma In Hindi Story.

Mahadevi Verma jeevan parichay in hindi.

Mahadevi Verma In Hindi Story
Mahadevi Verma In Hindi Story.
महादेवी वर्मा का जन्म फर्रुखाबाद के एक शिक्षित काव्यास्थ परिवार में सन 1907 ईस्वी ( संवत 1963 वि० ) में होलिका दहन के दिन हुआ था! महादेवी वर्मा के पिता श्री गोविंद प्रसाद वर्मा, भागलपुर के एक कालेज में प्रधानाचार्य थे! इनकी माता हेमरनी परम विदुषी धार्मिक महिला थी एवं नाना ब्रजभाषा के एक अच्छे कवि थे! महादेवी जी पर इन सभी का प्रभाव पड़ा और अंततः एक प्रसिद्ध कवित्री, प्राकृतिक एवं परमात्मा की निष्ठावान उपाशीका और सफल प्रधानाचार्य के रूप में प्रतिष्ठित हुई! महादेवी वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा इंदौर में और उच्च शिक्षा प्रयाग में हुई! संस्कृत से एम०ए० उत्रीण करने के बाद ये प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य हो गई! इनका विवाह नव वर्ष की अल्पायु में ही हो गया था! महादेवी वर्मा के पति श्री रूप नारायण सिंह एक डॉक्टर थे, परंतु महादेवी वर्मा का दांपत्य जीवन सफल नहीं था! विवाहोप्रांत ही महादेवी वर्मा ने ऍफ़० ए०, बी० ए० और एम० ए०  परीक्षाएं सम्मान सहित उत्रीण की! महादेवी जी ने घर पर ही चित्रकला तथा संगीत की भी शिक्षा प्राप्त की!

उन्होंने नारी- स्वतंत्रतय के लिए संघर्ष किया, परंतु अपने अधिकारों की रक्षा के लिए नारियों का शिक्षिक होना आवश्यक बताया! कुछ वर्षों तक ये उत्तर प्रदेश विधान-परिषद की मनोनीत सदस्य भी रही! भारत के राष्ट्रपति से उन्होंने ‘पदम भूषण’ की उपाधि प्राप्त की! हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से  इन्हें ‘सेकसरिया पुरस्कार’ तथा ‘मंगल प्रसाद परितोषिक’ मिला! मई 1983 ईस्वी में ‘भारत- भारती’ तथा नवंबर, 1983 ईस्वी में यामा पर ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से इन्हें सम्मानित किया गया! 11 सितंबर, 1987 ई० ( संवत 2044 वि० ) को इस महान लेखिका महादेवी वर्माका स्वर्गवास हो गया!

Mahadevi verma ji ka sahityik sevaye / महादेवी वर्मा जी का साहित्यिक सेवाएं:-

श्रीमती महादेवी वर्मा का मुख्य रचना क्षेत्र काव्य है! इनकी गाना छायावादी कवियों की बृहत चतुष्टयी ( प्रसाद, पंत, निराला और महादेवी ) में होती है!  इन के काव्य में वेदना की प्रधानता है! काव्य के अतिरिक्त इनकी बहुत-सी श्रेष्ठ गद्य-रचनाएं भी है! इन्होंने प्रयाग में ‘ साहित्यकार संसद’ की स्थापना करके साहित्यकारों का मार्गदर्शन भी किया! ‘चांद’ पत्रिका का संपादन करके इन्होंने नारी को अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति सजग किया है!

महादेवी वर्मा जी की जीवन पर महात्मा गांधी का तथा कला-साहित्य साधना पर कविंद्र रविंद्र का प्रभाव पड़ा!  इनका हृदय अत्यंत करुणापूर्ण, संवेदनायुक्त एवं भावुक था! इसलिए इनके साहित्य में भी वेदना की गहरी टिस है!

Mahadevi verma ji ki rachnayen / महादेवी वर्मा जी की रचनाएँ:-

महादेवी जी का प्रमुख कृतित्व इस प्रकार है:-

  1. निहार:-   यह इनका प्रथम प्रकाशित काव्य-संग्रह है
  2. रश्मि:-   इसमे आत्मा- परमात्मा विषयक अध्यात्मिक गीत है!
  3. नीरजा:-   इस संग्रह के गीतों में इनके जीवन-दृष्टि का  विकसित रूप दृष्टिगोचर होता है!
  4. सांध्यगीत:-  इसमें इनके श्रृंगारपरक गीतों को संकलित किया गया है!
  5. दीपशिखा:-   इसमें इनके रहस्य-भावना-प्रधान गीतों का संग्रह है!
  6. यामा:-   यह महादेवी जी के भाव-प्रधान गीतों का संग्रह है!

इसके अतिरिक्त ‘संधिनी’, ‘आधुनिक कवि’, तथा ‘सप्तपर्णा’ इनके अन्य काव्य-संग्रह:! ‘अतीत के चलचित्र’, ‘स्मृति की रेखाएं’, ‘श्रृंखला की कड़ियां’ इनकी महत्वपूर्ण गद्य रचनाएं है!


Mahadevi verma ji ki sahitya me sthan / महादेवी वर्मा जी की साहित्य में स्थान:-
निष्कर्ष रूप में महादेवी जी वर्तमान हिंदी-कविता की सर्वश्रेष्ठ गीतकार है! महादेवी वर्मा के भाव पक्ष और कला पक्ष ही दोनों ही अतिव पृष्ठ है! अपने साहित्यिक व्यक्तित्व एवं अद्वितीय कृतित्व के आधार पर, हिंदी साहित्यकांश में महादेव जी का गरिमामय पद ध्रुव तारे की भांति अटल है!
Mahadevi Verma In Hindi Story!, महादेवी वर्मा जी की कहानी! To dosto ummid karta hu ki aap sabhi achhe honge, aur aapko hamara post achha laga hoga to niche comment karke bataiyega waise aaj ka post hamara madadevi verma ji par tha agar aapko kuch aur bhi jankari chahiye mahadevi verma ji ke bare me to ya aur bhi lekhako ke bare me to aap hame comment me bataye hum aapki pusi madat karenge apana kimati samaye dene ke liye aapka bahut bahut dhanyawad.

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