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13 January, 2019

Jaishankar Prasad In Hindi! जयशंकर प्रसाद जी का जीवन परिचय

Jaishankar Prasad In Hindi! जयशंकर प्रसाद जी का जीवन परिचय! हेल्लो दोस्तों आप सभी का tricks in hindi ब्लॉग पर बहुत बहुत स्वागत है, आप इस ब्लॉग पर technology से सम्बंधित जानकारी ले सकते है पर कुछ दिनों में एग्जाम आने वाला है तो सोचे की एक article class 12 th के students के लिख ही दिया जाये, वैसे मई भी अभी कक्षा 12वि में ही पढता हु, वैसे आज का हमार topic जयशंकर प्रसाद जी पर है जिसमे हम जयशंकर प्रसाद जी के जीवन के बारे में बताएँगे तो चलिये शुरू करते है जय शंकर प्रसाद in hindi.

Jaishankar Prasad In Hindi Step by Step:-

जयशंकर प्रसाद जी का जीवन- परिचय:-
Jaishankar Prasad In Hindi - जयशंकर प्रसाद जी की जीवन कहानी
Jaishankar Prasad In Hindi - जयशंकर प्रसाद जी की जीवन कहानी
जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में माघ शुक्ल दशमी संवत् 1945 वि० सन 1989 ईस्वी में हुआ था!  देवी प्रसाद था! ये तंबाकू के एक प्रसिद्ध थे! बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने से इनकी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई! घर पर ही इन्होंने हिंदीअंग्रेजीसंस्कृतउर्दूफारसी का गहन अध्ययन किया! ये बड़े मिलनसारहंसमुख तथा सरल स्वभाव के थे! उनका बचपन बहुत सुख से बिताकिंतु प्रकृति तथा दासीनता के कारण ये ऋणी हो गए! अपनी पैतृक संपत्ति का कुछ भाग बेचकर इन्होंने ऋण से छुटकारा पाया! अपने जीवन में इन्होंने कभी अपने व्यवसाय की ओर ध्यान नहीं दिया! परिणाम स्वरूप इनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती गई और चिंताओं ने उन्हें घेर लिया!


बाल्यावस्था से ही इन्हें कार्य के प्रति अनुराग थाजो उत्तरोत्तर बढ़ता ही गया! यह बड़े स्वाभिमानी थेअपनी कहानी अथवा कविता के लिए पुरस्कार स्वरूप पैसा भी नहीं लेते थे!  यदपि इनका जीवन बड़ा नपा- तुला और सहनशील थाकिंतु दुख के निरंतर अघातो से ये न बच सके और संवत 1994 वि० सन 1937 ईस्वी में अल्पा अवस्था में ही छय रोग से ग्रस्त होकर स्वर्ग सिधार गए!

जयशंकर प्रसाद का साहित्यिक सेवाएं:-
श्री जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रवर्तक, उन नायक तथा प्रतिनिधि कवि होने के साथ-साथ युग परिवर्तक नाटककार, कथाकार तथा उपन्यासकार भी थे! विशुद्ध मानवतावादी दृष्टिकोण वाले प्रसाद जी ने अपने काव्य अध्यात्मिक आनंदवाद की प्रतिष्ठा की है! प्रेम और सौंदर्य इनके काव्य के प्रमुख विषय रहे हैं, किंतु मानवीय संवेदना उनकी कविता का प्राण है!

जयशंकर प्रसाद जी की रचनाएं:-

प्रसाद जी अनेक विषयों एवं भाषाओं के प्रकांड पंडित और प्रतिभा संपन्न कवि थे! इन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी, निबंध आदि सभी साहित्यिक विधाओं पर अपनी लेखनी चलाई और अपने कृतित्व से इन्हें अलंकृत किया! इनका काव्य हिंदी- साहित्य की अमूल्य निधि है!

इनके प्रमुख कार्यक्रमों का विवरण निम्न है:--
कामायनी:-

यह प्रसाद जी की कालजयी रचना है! इसमें मानव को श्रद्धा और मनु के माध्यम से ह्रदय और बुद्धि के समन्वय का संदेश दिया गया है! इस रचना पर कवि को मंगला प्रसाद परितोषिक भी मिल चुका है!

आंसू:-
यह प्रसाद जी का योग का काव्य है! इसमें वियोगजनित पीड़ा और दुख मुखर हो उठा है!

लहर:-

यह प्रसाद जी का भावनात्मक काव्य- संग्रह है!

झरना:-

इसमें प्रसाद जी की छायावादी कविताएं संकलित है, जिसमें सौंदर्य और प्रेम की अनुभूति शकार हो उठी है!


कहानी:-
आकाशदीप, इंद्रजाल, प्रतिध्वनि, आंधी!

उपन्यास:-
कंकाल, तितली, इरावती ( अपूर्ण )!

निबंध:-
काव्य और कला तथा अन्य निबंध!

चंपू:-
प्रेम राज्य!
इनके अन्य काव्य-ग्रन्थ चित्राधार, कानन, कुसुम, करुणालय, महाराणा का महत्व, प्रेम- पथिक आदि है!
जयशंकर प्रसाद जी की साहित्य में स्थान:-
प्रसाद जी असाधारण प्रतिभाशाली कवि थे! उनके काव्य में एक ऐसा नैसर्गिक आकर्षण एवं चमत्कार है की सहृदय पाठक उसमें रसमग्न होकर अपनी सुध-बुध खो बैठता है! निसंदेह वे आधुनिक हिंदी- काव्य- गगन के प्रीतम तजोमय मारतंड है!

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