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11 December, 2018

Harishankar parsai biography in hindi - हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय

Harishankar parsai biography in hindi - हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय  दोस्तों कुछ दिनों बाद हमारा कक्षा12th का परीक्षा आ रहा है तो सोचे की कुछ ऐसी knowledge शेयर की जाये जो हमारे काम का हो इसीलिए आप सभी के लिए एक अच्छा post लाया हूँ जिसे आप पढ़कर कुछ ज्ञान पा सकते है जिसका नाम हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय है, जी हा आप हरिशंकर परसाई जी का नाम तो सुना ही होगा जब आप 12th में पढ़ते होंगे तो, आज हम इनके जीवन परिचय की बात करेंगे तो चलिए शुरू करते है हरिशंकर परसाई जी का जीवन परिचय!

Harishankar parsai in hindi - हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय:-

श्री हरिशंकर जी का जन्म मध्य प्रदेश में इटारसी के निकट जमानी नामक स्थान पर 22 अगस्त 1924 ईस्वी को हुआ था! आरम्भ से लेकर और स्नातक स्तर तक इनकी शिक्षा मध्य प्रदेश में हुई! नागपुर विश्वविद्यालय से इन्होंने हिंदी में m.a. की परीक्षा उत्रिण की! परसाई जी ने कुछ वर्षों तक अध्यापन- कार्य किया तथा साथ साथ साहित्य सृजन आरंभ किया!
Harishankar parsai in hindi - हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय
Harishankar parsai in hindi - हरिशंकर परसाई का जीवन परिचय

नौकरी को साहित्य सृजन में बाधक जानकर इन्होंने उसे तिलांजलि दे दी और स्वतंत्रता पूर्वक साहित्य सृजन में जुट गए! इन्होंने जबलपुर से ‘ वसुधा’ नामक साहित्य पत्रिका का संपादन और प्रकाशन आरंभ किया, परंतु आर्थिक घाटे के कारण उसे बंद कर देना पड़ा! इनकी रचनाएं सप्ताहिक हिंदुस्तान, धर्मयुग आदि पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही! परसाई जी ने मुख्यतः व्यंग्यप्रधान ललित निबंधों की रचना की है! 10 अगस्त, 1995 ईस्वी को जबलपुर में इनका देहावसान हो गया!, Harishankar parsai in hindi

हरिशंकर परसाई जी की साहित्यिक योगदान:-

परसाई जी हिंदी व्यंग के आधार-स्तंभ थे! इन्होंने हिंदी व्यंग को नई दिशा प्रदान की है और अपनी रचनाओं में व्यक्ति और समाज की विसंगतियों पर से पर्दा हटाया है! ‘विकलांग श्रद्धा का दौर’ ग्रंथ पर इन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ! इसके अतिरिक्त ‘उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य संस्थान तथा ‘मध्य प्रदेश कला परिषद’ द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया! इन्होंने कथाकार, उपन्यासकार, निबंधकार तथा संपादक के रूप में- हिंदी साहित्य की महान सेवा की!

हरिशंकर परसाई जी की रचनाये:-

परसाई जी अपनी कहानियो, उपन्यासों तथा निबंधो में व्यक्ति और समाज की कमजोरियो, विसंगति हो और आडंबरपूर्ण जीवन पर गहरी चोट करते हैं! इनकी प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं!, Harishankar parsai in hindi

हरिशंकर परसाई की कहानी- संग्रह:-

‘हंसते हैं, रोते हैं’, ‘ जैसे उनके दिन फिरे’!

ये भी पढ़े:-

हरिशंकर परसाई जी की उपन्यास:-

‘रानी नागफनी की कहानी’, ‘ तट की खोज’!, Harishankar parsai in hindi

हरिशंकर परसाई जी की निबंध संग्रह:-

‘तब की बात और थी’, ‘भूत के पांव पीछे’, ‘बेईमानी की परत’, ‘पगडंडियों का जमाना’, ‘सदाचार का ताजीव’, ‘शिकायत मुझे भी है’, ‘और अंत में’!, Harishankar parsai in hindi


इनकी समस्त रचनाओं का संग्रह ‘ परसाई ग्रंथावली’ के नाम से प्रकाशित हो चुका है!

हरिशंकर परसाई की साहित्य में स्थान:-

परसाई जी हिंदी साहित्य के एक समर्थ व्यंगकार थे! इन्होंने हिंदी निबंध साहित्य में हास्य-व्यंग प्रधान निबंध रचना करके एक विशेष आभाव की पूर्ति की है! इनकी शैली का प्राण व्यंग और विनोद है! अपनी विशिष्ट शैली से परसाई जी ने हिंदी साहित्य में अपना प्रमुख स्थान बना लिया है!, Harishankar parsai

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