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18 December, 2018

Essay on environment pollution in hindi | essay on pollution in hindi | पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध

Essay on environmental pollution दोस्तों आज हम जाने वाले हैं पर्यावरण प्रदूषण के बारे में और हम जानेंगे कि पर्यावरण प्रदूषण कैसे होता है?  और पर्यावरणप्रदूषण पर निबंध लिखना जानेंगेदोस्तों हम सब जानते हैं कि पर्यावरण प्रदूषण से हमें बहुत हानि  हैआज हम जानेंगे कि पर्यावरण और प्रदूषण दोनों के बारे में जैसे पर्यावरण पर निबंध लिखनापर्यावरण क्या होता हैजल प्रदूषण क्या होता है? वायु प्रदूषण क्या होता है? ध्वनि प्रदूषण क्या होता हैरेडियोधर्मी प्रदूषण क्या होता हैरासायनिक प्रदूषण के बारे में हम जानेंगे? प्रदूषण की समस्या और उसे हानियां के बारे में हम जानेंगेपर्यावरण प्रदूषण की समस्या का समाधान! तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं पर्यावरण और प्रदूषण के बारे में Essay on environmental pollution hindi me.

Essay on environment pollution in hindi.

जो हमें चारों ओर से परी परिवृत्त किए हुए हैंवही हमारा पर्यावरण है इस पर्यावरण के प्रति जागरूकता आज की प्रमुख आवश्यकता हैक्योंकि यह प्रदूषित हो रहा है! प्रदूषण की समस्या प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के लिए अज्ञात थी! यह वर्तमान युग में हुई उद्योगिक प्रगति एवं शाश्त्रात्रो के निर्माण के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है!
Essay on environment pollution in hindi | essay on pollution in hindi | पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध
Essay on environment pollution in hindi | essay on pollution in hindi | पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध

आज उसने इतना विकराल रूप धारण कर लिया है कि स्वस्थ वायु और जल पर निर्भर
किंतु यदि यह दोनों ही चीजें दूषित हो जाए तो मानव के अस्तित्व को ही भय पैदा होना स्वाभाविक हैअतः इस भयंकर समस्या के कारणों एवं उनके निराकरण के उपायों पर विचार करना मानव मात्र के हित में है! ध्वनि- प्रदूषण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता रॉबर्ट कोच ने कहा था, ‘’1 दिन ऐसा आएगा जब मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु के रूप में निर्दई शोर से संघर्ष करना पड़ेगा!’’ लगता है कि वह दुखद दिन अब आ गया है. essay on pollution in hindi.

प्रदूषण का अर्थ / meaning of pollution.

स्वस्थ वातावरण में ही जीवन का विकास संभव है! पर्यावरण का निर्माण प्रकृति के द्वारा किया गया है! प्रकृति द्वारा प्रदत पर्यावरण जीव धारियों के अनुकूल होता है जब इस पर्यावरण में किन्ही तत्वों का अनुपात इस रूप में बदलने लगता हैजिसके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना होती है कहा जाता है कि पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है! यह प्रदूषित वातावरण जीव धारियों के लिए अनेक प्रकार से हानिकारक होता है! जनसंख्या की आसाधारण वृद्धि एवं औद्योगिक प्रगति ने प्रदूषण की समस्या को जन्म दिया है और आज इस ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया है कि इससे मनावता के विनाश का संकट उत्पन्न हो गया है! औद्योगिक तथा रासायनिक कूड़े कचरे के ढेर से पृथ्वीहवा तथा पानी प्रदूषित हो रहे हैं!

प्रदूषण के प्रकार / types of pollution.

आज के वातावरण में प्रदूषण निम्नलिखित रूप में दिखाई पड़ता है-

1. वायु-प्रदूषण / what is air pollution in hindi?

वायु जीवन का अनिवार्य स्रोत है! प्रत्येक प्राणी को स्पष्ट रूप से जीने के लिए शुद्ध वायु की आवश्यकता होती हैजिस कारण वायुमंडल में इसका विशेष अनुपात होना आवश्यक है! जीवधारी सास द्वारा ऑक्सीजन ग्रहण करता है और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है! पेड़ पौधे कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं ऑक्सीजन प्रदान करते हैं! इससे वायुमंडल में बनी रहती हैपरंतु मनुष्य की अज्ञानता और स्वार्थी प्रवृत्ति के कारण आज वृक्षों का अधिक कटाव हो रहा है! घने जंगलों में ढके पहाड़ आज नंगे दिखाई पड़ते हैं! इससे ऑक्सीजन का संतुलन बिगड़ गया है और वायु अनेक हानिकारक गैसों से प्रदूषित हो गया है! इसके अलावा कोयलातेल धातुकणों तथा कारखानों की चिमनिया के धुए से हवा में अनेक हानिकारक गैस भर गई हैजो प्राचीन इमारतोंवस्त्रोंधातु तथा मनुष्य के फेफड़े के लिए अत्यंत घातक है! देश की राजधानी दिल्ली में गाड़ियां और औद्योगिक संयंत्रों से निकलने वाले धुंए से आंख ही जलने लगती है,साथ ही फेफड़े भी कालीख की खतरनाक महीन परत से ढक जाते हैं. essay on pollution in hindi.



2. जल-प्रदूषण / what is water pollution in hindi?

जीवन के अनिवार्य स्रोत के रूप में वायु के बाद प्रथम आवश्यक जल की ही होती है! जल को जीवन कहा जाता है! जल का शुद्ध होना स्वस्थ जीवन के लिए बहुत आवश्यक है! देश के प्रमुख नगरों के जल का साधन हमारी सदानीरा नदिया हैफिर भी हम देखते हैं कि बड़े बड़े नगरों के गंदे नाले तथा सीवरों को नदियों से जोड़ दिया जाता है! विभिन्न औद्योगिक व घरेलू स्रोत नदियों व अन्य जल स्रोत में दिनोंदिन प्रदूषण पनपता जा रहा है! तलाबपोखर व नदियों में जानवरों को नहलानामनुष्य एवं जानवरों के मृत शरीर को जल में प्रवाहित करना आदि ने जल प्रदूषण में है बेतहाशा वृद्धि की है! कानपुरआगरामुंबईअलीगढ़ और न जाने कितने नगरों के कारखाने का कचरा गंगा यमुना जैसे पवित्र नदियों को प्रदूषित करता हुआ सागर तक पहुंच रहा है! औद्योगिक नगरों के निकट के जल स्रोतों को दूषित करने में रेडियोएक्टिव व्यर्थ पदार्थ तथा धातु पदार्थ भी विशेष योगदान देते हैं! प्लास्टिक की थैलीतैलीय पदार्थ तथा कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले कीटनाशक रसायनिक उर्वरक के जल में मिलने से भी प्रदूषण बढ़ता है!

3. ध्वनि प्रदूषण / what is sound pollution?

ध्वनि प्रदूषण आज की एक नई समस्या है! इस वैज्ञानिक प्रगति ने पैदा किया है! मोटर कारट्रैक्टरजेट विमानकारखानों के सायरनमशीनेंलाउडस्पीकर आदि ध्वनि के संतुलन को बिगाड़ कर ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करते हैं! तेज ध्वनि से श्रवण शक्ति का ह्रास तो होता ही है साथ ही कार्य करने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है! इससे अनेक प्रकार की बीमारीया पैदा हो जाती है! और अधिक ध्वनि प्रदूषण से मानसिक विकृति तक हो सकती है!

4. रेडियोधर्मी प्रदूषण / radioactive pollution in hindi.

आज के युग में वैज्ञानिक परीक्षणों का जोर है! परमाणु परीक्षण निरंतर होते रहते हैं! इनके विस्फोट से रेडियोधर्मी पदार्थ वायुमंडल में फैल जाते हैं और अनेक प्रकार की जीवन को क्षति पहुंचाते हैं! दूसरे विश्व युद्ध के समय हिरोशिमा और नागासाकी में जो परमाणु बम गिराए गए थेउससे लाखों लोग अपंग हो गए थे और आने वाली पीढ़ी भी इसके हानिकारक प्रभाव से अभी भी अपने को बचा नहीं पाई है!

5. रसायनिक प्रदूषण / Chemical pollution.

कारखानों से बहते हुए अवशिष्ठ द्रवों के अतिरिक्त उपज में वृद्धि की दृष्टि से प्रयुक्त कीटनाशक दवाइयों और रसायनिक खादों से भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है! यह पदार्थ पानी के साथ वहकर नदीयोतालाबों और अंततः समुद्र में पहुंच जाते हैं और जीवन को अनेक प्रकार से हानि पहुंचाते हैं!

प्रदूषण की समस्या और उसी से हानियां / Advantage and disadvantage of pollution.

निरंतर बढ़ती हुई मानव जनसंख्यारेगिस्तान को बढ़ते जानाभूमि का कटावउज्जवल ओजोन की परत सिकुड़नाधरती की वृद्धिवनों के विनाश और औद्योगिकरण ने विश्व के सम्मुख प्रदूषण की समस्या पैदा कर दी है! कारखानों के धुंए सेविषैले कचरे के बहाव से तथा जहरीली गैसों के रिसाव से आज मानव जीवन समस्या ग्रस्त हो गया है! आज तकनीकी ज्ञान के बल पर मानव विकास की दौड़ एक दूसरे से आगे निकल जाने की होड़ में लगा है!इस होड़ में वह तकनीकी ज्ञान का ऐसा गलत उपयोग कर रहा हैजो संपूर्ण मानव जाति के लिए विनाश का कारण बन सकता है! युद्ध में आधुनिक तकनीकों पर आधारित मिसाइलों और प्रक्षेपपात्रों ने जनधन की अपार क्षति तो की है साथ ही पर्यावरण पर भी घातक प्रभाव डाला हैजिसके परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य में गिरावटउत्पाद में कमी और विकास प्रक्रिया में बाधा आई है! वायु प्रदूषण का गंभीर प्रतिकूल प्रभाव मनुष्य एवं अन्य प्राणियों के स्वास्थ्य पर पड़ता है! सिर दर्दआंखे दुखनाखांसीदामाहृदय रोग आदि किसी न किसी रूप में वायु प्रदूषण से जुड़े हुए हैं! प्रदूषित जल के सेवन से मुख्य रूप से  पाचन तंत्र संबंधी रोग उत्पन्न होते हैं! विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रतिवर्ष लाखों बच्चे दूषित जल पीने के परिणाम स्वरुप उत्पन्न रोगों से मर जाते हैं! ध्वनि प्रदूषण के भी गंभीर और घातक प्रभाव पड़ते हैं! ध्वनि प्रदूषण (शोर) के कारण शारीरिक और मानसिक तनाव तो बढ़ता ही हैसाथ ही श्वसन गति और नाड़ी गति में उतार-चढ़ावजठरांत्र की गतिशीलता में कमी तथा रुधिर परिसंचरण एवं हृदय पेशी के गुणों में भी परिवर्तन हो जाता है तथा प्रदूषण जन्य अनेकानेक बीमारियों से पीड़ित मनुष्य समय से पूर्व ही मृत्यु का ग्रास बन जाता है!



समस्या का समाधान / Prevention of pollution.

महान शिक्षाविदो और नीति निर्माताओं ने इस समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान दिया है! आज विश्व का प्रत्येक देश इस ओर सजग है! वातावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए वृक्ष रोपण सर्वश्रेष्ठ साधन है! मानव को चाहिए कि वह वृक्ष और वनों को कुल्हाड़ीओ का निशाना बनाने के बजाय उन्हें फलते फूलते देखे तथा सुंदर पशु पक्षियों को अपना भोजन बनाने के बजाय उनकी सुरक्षा करें! साथ ही भविष्य के प्रति आशंकितआतंकित होने से बचने के लिए सबको देश की असीमित बढ़ती जनसंख्या को सीमित करना होगाजिससे उनके आवास के लिए खेतों और वनों को काम ना करना पड़े! कर खाने और मशीनें लगाने की अनुमति उन्हें व्यक्तियों को दी जानी चाहिएजो औद्योगिक कचरे और मशीनो के धुंए को बाहर निकालने की समुचित व्यवस्था कर सके! संयुक्त राष्ट्र संघ को चाहिए कि वह परमाणु परीक्षणों को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए! तकनीकी ज्ञान के उपयोग खाए हुए पर्यावरण को फिर से प्राप्त करने पर बल देने के लिए किया जाना चाहिए! वायु प्रदूषण से बचने के लिए हर प्रकार की गंदगी और कचरे को विधवत समाप्त करने के उपाय निरंतर किए जाने चाहिए! जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक संस्थानों में ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए व्यर्थ पदार्थ एवं जल उपचारित करके ही बाहर निकाला जाए तथा इनको जल स्रोतों से मिलने से रोका जाना चाहिए! इंग्लैंड में लंदन का मैला पहले टेम्स नदी में गिरकर जल को दूषित करता था! अब वहां की सरकार ने टेम्स नदी के पास एक विशाल कर खाना बनाया हैजिसमें लंदन की सारी गंदगी और मेला मशीनों से साफ होकर उत्तम खाद बन जाता है और साफ पानी टेम्स नदी में छोड़ दिया जाता है! अब इस पानी में मछलियां पहले से कहीं अधिक संख्या में पैदा हो रही है! ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए! सार्वजनिक रूप से लाउडस्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित किया जाना चाहिए. essay on pollution in hindi! 

उपसंहार:-

पर्यावरण में होने वाले प्रदूषण को रोकने व उसके समुचित संरक्षण के लिए समस्त विश्व में एक नई चेतना उत्पन्न हुई है! हम सभी का उत्तरदायित्व है कि चारों ओर बढ़ते इस प्रदूषित वातावरण के खतरों के प्रति सचेत हो तथा पूर्ण मनोयोग से संपूर्ण परिवेश को स्वस्थ व सुंदर बनाने का यत्न करे! वृक्षारोपण का कार्यक्रम सरकारी अस्तर पर जोर शोर से चलाया जा रहा है तथा वनों की अनियंत्रित कटाई को रोकने के लिए भी कठोर नियम बनाए गए हैं! इस बात के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि नए वन क्षेत्र बनाए जाए और जनसंख्या वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जाए! इधर न्यायालय द्वारा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को महानगरों से बाहर ले जाने के आदेश दिए गए हैं तथा नए उद्योगों को लाइसेंस दिए जाने से पूर्व उन्हें उद्योगिक कचरे के निस्तारण की समुचित व्यवस्था कर पर्यावरण विशेषज्ञ से स्वकृति प्राप्त करने को अनिवार्य कर दिया गया है! यदि जनता भी अपने ढंग से इन कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग दे और संकल्प ले की जीवन में आने वाले प्रत्येक शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएगी तो निश्चित ही हम प्रदूषण के दुष्परिणामों से बच सकेंगे और आने वाले पीढ़ी को भी इसकी काली छाया से बचाने में समर्थ हो सकेंगे

तो दोस्तों अभी आप पढ़े पर्यावरण और प्रदूषण के बारे में पर्यावरण प्रदूषण क्या होता है मतलब की आप ने जाना कि पर्यावरण पर निबंध हिंदी में कैसे लिखा जाता हैपर्यावरण पर निबंध कैसे लिखें हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी को पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध लिखना आ चुका होगा अगर आपको पर्यावरण प्रदूषण पर कुछ राय देना है तो नीचे कमेंट कर सकते हैं और हमें बताएं कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए कौन-कौन से उपाय होने चाहिए जिससे पर्यावरण प्रदूषण रोका जा सके! आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं  और पोस्ट में !दोस्तों आप पढ़ रहे हैं ट्रिक्स इन हिंदी ब्लॉग आप सभी का अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

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