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29 November, 2018

Vasudev Sharan Agarwal Life Introduction in Hindi - वाशुदेवशरण अग्रवाल जी का जीवन परिचय

नमस्कार दोस्तों आप सभी का फीर से हमारे ब्लॉग पर बहुत बहुत सवागत है, दोस्तों आज मै आप सभी को बताने वाला हूँ Vasudev Sharan Agarwalवासुदेवशरण अग्रवाल जी का जीवन परिचय, के बारे में और इनके और इनकी पूरी कहानी जिससे आप अच्छी knowledge हो जाये वासुदेवशरण अग्रवाल जी के बारे में जिससे अगर जब आप परीक्षा में बैठे तो आपको वासुदेवशरण अग्रवाल जी के बारे में लिखने में कोई problem ना हो तो मै बताऊंगा आपको,

वासुदेवशरणअग्रवाल जी का साहित्यिक योगदान, अग्रवाल जी की कृतिया, डॉ वाशुदेव शरण जी की निबंध-संग्रह, वासुदेवशरणअग्रवाल जी आलोचना-ग्रंथ, के बारे में तो बस आप वाशुदेवशरण अग्रवाल जी के बारे में step by step hindi में पढ़िए!

वासुदेवशरण अग्रवाल जी का जीवन परिचय:-

डॉ अग्रवाल जन्म सन 1904 ई० में मेरठ जनपद के खेड़ा ग्राम में हुआ था! वासुदेवशरण अग्रवाल जी के माता-पिता लखनऊ में रहते थे; अत: इनका बचपन लखनऊ में व्यतीत हुआ और यही इनकी प्रारंभिक शिक्षा भी हुई! इन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एम० ए० तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से ‘पाणिनिकालीन भारत’ नमक शोध- प्रबंध पर डि० लीट० की उपाधि प्राप्त की! डा० वाशुदेवशरण अग्रवाल ने पाली, संस्कृत एवं अंग्रेजी भाषाओ; भारतीय संस्कृति और पुरातत्व का गहन अध्ययन करके उच्च कोटि के विद्वान के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ‘पुरातत्व एवं प्राचीन इतिहास विभाग’ के अध्यक्ष और बाद में अचार्य पद को सुशोभित किया! वाशुदेवशरण अग्रवाल ने लखनऊ तथा मथुरा के पुरातत्व संग्रहालय में निरीक्षक पद पर, केंद्रीय सरकार के पुरातत्व विभाग में संचालक पद पर तथा दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में अध्यक्ष तथा आचार्य पद पर भी कार्य किया! भारतीय संस्कृति और पुरातत्व का यह महान पंडित एवं साहित्यकार सन 1967 ई० में परलोक सिधार गये!



वासुदेवशरण अग्रवाल जी का साहित्यिक योगदान:-

डॉ० वासुदेवशरण अग्रवाल भारतीय संस्कृति, पुरातत्व और प्राचीन इतिहास के प्रकांड पंडित एवं अन्वेषक थे! उनके मन में भारतीय संस्कृति को वैज्ञानिक अनुसंधान की दृष्टि से प्रकाश में लाने की उत्कट इच्छा थी; अतः इन्होंने उत्कृष्ट कोटि के  अनुसंधानात्मक निबंधो की रचना की इनके अधिकांश निबंध प्राचीन भारतीय और संस्कृत से संबंध है! इन्होंने अपने निबंधो में प्रागैतिहासिक, वैदिक एवं पौराणिक धर्म का उद्घाटन किया!
वाशुदेवशरण अग्रवाल जी निबंध के अतिरिक्त इन्होंने पाली, प्राकृत  और संस्कृत के अनेक ग्रंथों का संपादन और पाठ शोधन का कार्य किया! जायसी के ‘पद्मावत’ पर इनकी टीका सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है! बाणभट्ट के ‘हर्षचरित’ का संस्कृतिक अध्ययन प्रस्तुत किया और प्राचीन महापुरुषों-श्री कृष्ण, वाल्मीकि, मनु आदि का आधुनिक दृष्टि से बुद्धिसम्मत चरित्र प्रस्तुत किया! वाशुदेवशरण अग्रवाल जी हिंदी साहित्य के इतिहास में अपनी मौलिकता, विचार शीलता और विद्वता के लिए ये चिर स्मरणीय रहेंगे!


वासुदेव शरण अग्रवाल जी की कृतिया:-


डॉ० वाशुदेवशरण अग्रवाल ने निबंध, शोध एवं संपादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया! इन की प्रमुख रचनाओं का विवरण निम्न है!



डॉ० वासुदेव शरण जी की निबंध-संग्रह:-

‘पृथ्वी पुत्र’, ‘ कल्प लता’, ‘ कला और संस्कृति’, ‘ कल्पवृक्ष’, ‘ भारत की एकता’, ‘ माता भूमि:  पुत्रो अहम पृथिव्या:’ , ‘वाग्धारा’ आदि इनके प्रसिद्ध निबंध संग्रह है!

डॉक्टर वासुदेव शरण जी की शोध प्रबंध:-

‘पाणिनिकालीन भारतवर्ष’!

वासुदेवशरण अग्रवाल जी की आलोचना-ग्रंथ:-

‘पद्मावत की  संजीवनी व्याख्या’ तथा ‘ हर्षचरित का सांस्कृतिक अध्ययन’!

संपादन:-

पाली, प्राकृतिक और संस्कृति के एकाधिक ग्रंथों का!

वाशुदेव शरण जी का साहित्य में स्थान:-

भारतीय संस्कृति और पुरातत्व के विद्वान डॉक्टर वाशुदेव शरण अग्रवाल का निबंध- साहित्य अत्यधिक समृद्धि है! पुरातत्व और अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी समता कोई नहीं कर सकता! विचार- प्रधान निबंधो के क्षेत्र में तो इनका योगदान सर्वथा और स्मरणीय है!
निश्चय ही हिंदी-साहित्य में इनका मूर्धन्य स्थान है!

To dosto bas aaj ke liye bas itna hi milte hai agale post me. aaj apne padha Vasudev Sharan Agarwal Life Introduction in Hindi, yani Vasudev Sharan Agarwal ji ke bare me jo ki hamari class 12th up board ki book me diya huwa hai.
to dosto ummid karta hu ki aapko Vasudev Sharan Agarwal ji ki biography aap sabhi ko achhi se samjha me Aa gai hogi. Agar aapko Vasudev Sharan Agarwal ji ke bare me jankari  ke bare me kuch samajhane me koi problem hui to niche comment karke bataye.
Apana kimati samaye dene ke liye aapka bahut bahut dhanyawad.

2 comments:

How to Trickz said...

mujhe lagat hai ye blog kafi achha hai sahitya ke bare me janane ke liye thanx for creating this blog or post How To Root Samsung j4+ Without PC

Hurted Technology said...

uske liye aap youtube par jaye