Breaking

03 February, 2019

12:19 am

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)

Child labour essay in hindi नमस्कार दोस्तों आप सभी का फिर से हमारे hurtedtechnology blog पर बहुत बहुत स्वागत है दोस्तों आज मै एक नया topic लेकर आया हूँ जो की "Child labour essay in hindi" है जिसके बारे में हम जानेंगे और बहुत सी जानकारिय दी जायेंगे जैसे की
Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)
Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)

"Save girl child" और Save girl child in hindi के बारे में और Child rights in hindi के बारे में child labour in india in hindi और भी बहुत कुछ के बारे में बताने वाला हूँ child labour के बारे में पूरी जानकारी hindi में जिससे आप child labour के बारे में अच्छी से जानकारी ले पाएंगे की child labour kya hota hai? तो चलिए शुरू करते है Child labour essay (Essay On Child Labour In Hindi).

Child labour essay in hindi - (Essay On Child Labour In Hindi)

बालश्रम आज के समय में एक अभिशाप बन गया है जो की ज्यादातर ये गरीबी की ओर ले जाता है या बालश्रम एक ऐसी स्थिति है जिससे एक बच्चे की सारी इच्छाओ का murder कर दिया जाता है जिससे एक बच्चे के शरीर पर ही नही बल्कि उस बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ता है दोस्तों बालश्रम हम उसे कहते है जब एक बच्चा एक निश्चित आयु से पहले ही श्रम करने लगे और पैसा कमाने लगे या कोई ऐसा बच्चा जो अभी छोटा हो जिसे अभी खेलने कूदने को चाहिए और वो उस उमर में किसी के घर रहकर काम करता है या मजदूरी करके पैसा कमाता है किसी दुकान पर रहकर काम करता है और अपनी भूख शांत करता है बालश्रम एक ऐसा अभिशाप बन गया है जिससे आज गावं, शहर एवं देश के चारो ओर छाया हुआ है बालश्रम एक ऐसा स्थिति ला देता है जिससे एक गरीब परिवार का बच्चा अपना पूरी जिंदगी दुःख और पीड़ा के आगोश में झोक देता है बालश्रम मानवाधिकार का हनन है मानवाधिकार के तहत हर बच्चे को मानशिक, शारीरिक और सामाजिक विकाश पाने का हक है!



बालश्रम आज ही नही बल्कि ये शादियों से चला आ रहा है जैसे पहले के ज़माने में तो जब केवल ब्राहमण को ही पढने का अधिकार था तब तो बाकी के जाती के लोग तो कुछ सिख, पढ़ भी नही सकते थे और और उससे पहलेएक ऐसा समय था की जब एक राज्य का राजा का देहान्त हो जाता तो उस राज्य के सभी नौकर दास को मारकर राजा के साथ दफना दिया जाता था कहा जाता था की जब राजा मरा है तो ये सवर्ग गया है तो इसका सवर्ग में देखभाल कौन करेगा इसीलिए लोग ऐसा करते थे पर मै ये बताने वाला हूँ की जब अपने देश में revolution यानि क्रांति शुरू हुई तब से बालश्रम चलना शुरू हो गया था जो लोग उस समय चालाक थे वो लोग तो धीरे-धीरे मेहनत करके तो आगे निकल गये पर कुछ लोग खासकर जो ज्यादा समझदार या शिक्षित कह सकते है वो लोग काम को ही करते रह गये और अपनी जिंदगी ख़राब कर ली और पीछे ही रह गये और बाकि लोग जो हमेशा से कुछ नया करने को सिखा वो और उनकी पीढ़ी आगे निकलती गई और और सफल होते गये और उनकी पीढ़ी में ज्यादा बालश्रम नही करना पड़ा और जो आलसी किये वो असफल रहे और उनकी यही दसा रही बालश्रम वाली और इससे अपने देश में शिक्षा की कमी भी पड़ती है तो हमे क्या करना चाहिए की हमे बालश्रम को रोकना चैये और बालश्रम को हटाकर उसके जगह पर शिक्षा लानी चाहिए नाहीकी बालश्रम!
वैसे देखा जाये तो आज के समय में तो बालश्रम ज्यादा तर किसी सब्जी के दुकान पर या किसी ठेले वाले के दुकान पर और किसी किराने के दुकान पर करते हुए ज्यादा दिखाई देता है और तो और आज के समय में हमारे देश में लगभग 40% से 50% लड़के जो 12 - 18 के उम्र वाले बच्चे बालश्रम कर रहे है और तो आजकल के लोग भी अपने बच्चे को जल्दी पढ़ा नही रहे है जो पहले से ही छोटे मोटे काम करते है या जो असफल लोगो के साथ रहते है और तो और गावं के लोग तो अपने बच्चे को school भेजने के जगह खेत में काम करने को भेज देते है जो की उनको school में पढने के लिए भेजना चाहिए ना की बालश्रम पर हमे इसको रोकना होगा और अपने देश से बालश्रम को रोकना होगा वैसे कुछ क़ानून तैयार हुए है जिससे जो बच्चे का उम्र आधार कार्ड पर 18 से ऊपर होगा केवल उसीको किसी कंपनी में काम मिलेगा वरना नही मिलेगा पर कुछ ऐसे भी लोग है जो अपना आधार कार्ड पर का जन्मतिथि बदलकर बालश्रम करना शुरू कर दिए है!

बालश्रम के कारण :-

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध
Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध

आज के समय में बालश्रम एक अभिशाप ही है और इसका सबसे मुख्य कारण है अशिक्षित होना और तो और सरकार द्वारा चलाये गये नियमो को भी लोग पालन नही करते है जैसे की मैंने ऊपर बता चूका हूँ यही कारण है की भारत में ज्यादातर लोग अशिक्षित है और ज्यादातर लोग गरीब पड़े हुए है!

गरीब परिवार के लोग अपने पेट भरने के लिए उनको न चाहते हुए भी उनको अपने बच्चो को पास के घर या दुकान एवं किसी छोटी company में काम करने के लिए भेजते है और उनको उनकी यही गरीबी झकझोर कर रख देती है वैसे आज इतनी महंगाई आ गई है की लोगो को ज्यदा मेहनत पर भी पैसा ज्यादा कमा नही सकते और अपनी जीविका अच्छी से चला सके और इसीलिए उनको मजदूरी करनी पड़ती है यानि बालश्रम करना पड़ता है वैसे एक चीज़ देखा जाये तो हमारे समाज में कहा जाता है की लड़कियां लडको से कमज़ोर होती है तो ऐसा सोचना बिलकुल गलत है और ऐसे ही सोच रखने वाले व्यक्ति एक दिन गरीब होता है या ऐसी सोचना वाला व्यक्ति धनी होते हुए भी गरीब होता है और ऐसी ही सोच इंसान को उत्थान से पतन की ओर ले जाती है इस दुनिया में कोई किसी से कम नही है!

बालश्रम :-

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)
Child labour essay in hindi

किसी भी बच्चे को पैसे के लिए या किसी भी प्रकार की लोभ दिखाकर कराया गया काम बालश्रम कहलाता है इस प्रकार के काम लोग पैसे के लिए और मज़बूरी पड़ने पर करते हैं वैसे बालश्रम सरासर कानूनन अपराध है और ज्यदातर बालश्रम करने वाले को समाज में नीच नज़र से देखा जाता है पर कभी कभी अचानक कोई बड़ी आपत्ति आने पर बहुत से बच्चे को बल्कान्य में ही उसको अपने घर से दूर होकर बालश्रम करना पड़ता है और बालश्रम का ज्यादा प्रभाव गावं के लोगो को ही झेलना पड़ता है और दूसरो की गुलामी करके बालश्रम करना पड़ता है या मजदूरी करनी पड़ती है!


बालश्रम के परिणाम :-

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)
 बालश्रम पर निबंध

दोस्तों एक बता दूँ की जब एक बच्चा बालश्रम करता है तो उसको प्रतिदिन 20 - 30 रूपया दिया जाता है जो की उसको उसके बचपना भी छीन जाता है और उसकी अशिक्षित होने की एक बड़ी परिणाम खड़ी करती है अपने देश में आने वाली पीढ़ी अन्धकार में पलने लगती है और इससे हमारे देश में प्रतिदिन गरीबी बढती जाती है!

बालश्रम रोकने के तरीके :-

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)
Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध (Essay On Child Labour In Hindi)

बालश्रम करना हमारे देश के लिए या किसी भी देश के लिए अभिशाप है और बालश्रम को जड़ से समाप्त करने के लिए हमे किसी भी छोटे बालक को अपने घर, दुकान, दफतर या किसी भी company में नही रखना चाहिए हमे इस बात का ध्यान देना चाहिए की किसी बच्चे को काम ना कराकर उसे खाने को देना चाहिए और उसे पैसा देकर काम करने से रोकना चाहिए या उसे किसी school में पढने को भेजना चाहिए और अगर आपको हमेशा उसकी सहायता करनी चाहिए तबतक की वह mature ना हो जाये!

बालश्रम यानि छोटे बच्चे से मजदूरी करवाना समाप्त करने के लिए हमे सबसे पहले अपनी सोंच बदलनी चाहिए और कोई ऐसा कानून बनाना चाहिए जिससे कोई भी इंसान किसी बालक को अपने काम ना रखे और अगर आपको कोई भी ऐसा बालश्रम का मामला नज़र अत है तो सबसे पहले नजदीकी police station से संपर्क करना चाहिए!

बालश्रम को जड़ से समाप्त करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि हमारा भी कर्तव्य भी है की हम इस पर सरकार की योजना को पूरा पूरा मदद करे ताकि बालश्रम समाप्त हो सके और वैसे सरकार बालश्रम को समाप्त करने में पूरी कोशिश में है क्योकि बालश्रम हमारे देश के लिए एक बड़ी सामाजिक समस्या है इस समस्या को जल्दी से जल्दी समाप्त होना चाहिए क्योकि बच्चे बहुत कम है पर ये बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं!

Child labour essay in hindi - बालश्रम पर निबंध तो दोसो बस आज के लिए इतना ही आप आज पढ़ा बालश्रम के बारे में जैसे बालश्रम kya होता है? child labour in hindi child labour essay और भी बहुत कुछ तो दोस्तों अगर आपको लगता है की आपको child labour को समाप्त करने के लिए सरकार को kya करना चाहिए? बस आज इनता ही मिलते है अगले post में अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद्!

02 February, 2019

12:54 am

Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध नमस्कार दोस्तों आप सभी का हमारे ब्लॉग पर बहुत बहुत स्वागत है और आज मै आप सभी के लिए एक अच्छा post लेकर आया हूँ जिसका topic Swachh bharat abhiyan essay in hindi swachh bharat mission essay पर है वैसे दोस्तों आप सभी को मालूम होगा हमारे माननीय सर्वश्रेष्ठ नरेंद मोदी जी के बारे में जो हमारे प्रधान मंत्री है इन्होने सन्न 2 अक्टूबर 2014 से
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

स्वच्छ भारत अभियान की सुरुवात की जिसके बारे में हम सभी को जानना चाहिए और खासकर school में पढने वाले क्षात्रो को क्योकि अक्सर हमारी exam में स्वच्छ भारत अभियान पर प्रश्न किये जाते है जो की ये सबके लिए जरुरी है सवाच्चता के बारे में जानकरी की जो की मै आपको बताऊंगा की स्वच्छ भारत अभियान essay कैसे लिखे? स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध कैसे लिखे? essay on swachata in hindi swachh bharat abhiyan slogan in hindi Swachh bharat abhiyan essay in hindi step by step.


Swachh bharat abhiyan essay in hindi

Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

Swachh bharat abhiyan essay in hindi स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध दोस्तों मै आप सभी को बता दूँ की 2 अक्टूबर 2014 को माननीय प्रधान मंत्री जी गाँधी जी को स्राधांजलि दी और उन्होंने सवाच्चता की ओर ध्यान दिया क्योकि हामरे भारत के रास्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी चाहते थे की हमारा भारत एक सवच्छ नागरिक देश बने और जब हमारा देश सवच्छ रहेगा तो रोग मुक्त भी रहेगा तो इसी बात को मद्दे नज़र रखते हुए मोदी जी ने सवच्छ भारत अभियान पर फैसला लिया और कहा की आज से भारत को हमे एक अच्छा और सुन्दर देश बनाना है जो की ये सोच उनकी आज बहुत ज्यादा प्रगति पर है आजकल के हर गावं में लगभग 85% घरो में माननीय प्रधान मंत्री जी द्वारा चलाया गया अभियान सफल हुआ है और सफल हो रहा है वैसे मै भी एक rural area से belong करता हूँ यानि मै भी एक गावं में रहने वाला लड़का हूँ और मुझे अपने गावं में चलाये गये नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सवच्छ भारत अभियान के बारे में सब मालूम है और ये बिलकुल प्रगति पर है और तो और आज तो हर सरकारी school पर सौचालय देखने को मिल जा रहा है जो की पहले सिर्फ एक या दो ही सवचालय हुआ करता था primary school पर वो भी खासकर लडकियों के लिए और हम लडको को बाहर सौच करने के लिए भेजा जाया जाता था पर अब माननीय मोदी जी द्वारा चलाये गये Swachh bharat abhiyan  का हमारे गावं में या हमारे देश में बहुत विकाश दिया है और उम्मीद करूँगा की और आगे भी ऐसे ही होते रहेंगे और हमारा भारत देश सवच्छ देश बनेगा.

Sawachh bharat abhiyan स्वच्छता अभियान :

Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य हमारे देश को एक अच्छा रूप में ढाल देगा जिससे अगर हमारे देश में बाहर से किसी और देश से लोग आएंगे तो कहेंगे की भारत एक सवच्छ नागरिक देश है और दोस्तों एक बता दूँ की हमे भारत को सवच्छ बनाने के लिए माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने कहा की 4041 सांविधिक नगरो के सड़क, सड़क के किनारे के रास्ते यानि पैदल मार्ग, गावं के मार्ग गावं के प्राथमिक स्कूल की सफाई और भी बहुत सी चीज़े आती है जो की 2019 तक इसे सफल बनाने का निर्णय लिया गया है.
भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में जैसे railway line के पास सवाछ्ता की और राज्य मंत्रालयों में स्वच्छता की भावना रखी है और इससे केवल शहर में ही नही बल्कि गावं में भी सवाछ्ता की आगमन होगी.

Sawachhta abhiyan ki safalta - स्वच्छता अभियान की आवश्यकता : 

Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

जबतक यह उद्देश्य पूरा न हो जाये तबतक ये काम चलते रहने चाहिए जैसे की हर गावं के घरो में सौचालय बनवाना जिससे कोई आदमी किसी के खेत में या किसी सड़क के किनारे सौच करके गन्दगी फैलाये, इसका प्रभाव भौतिक, सामाजिक, मानसिक पर पड़ना चाहिए ताकि सबको मालूम चले की आखिर हमारे देश में sawachhta कितनी जरूरी है? और sawachhta kya hoti hai? Sawachh bharat abhiyan kya hota hai? वैसे जबतक गावं के नाले का कचड़ा कही गड्ढे में फेकने लायक ना जगह मिल जाये या गावं के सौच में प्रयोग किये जाने वाले एक चीज़ को बार बार इस्तेमाल करने पर रोक लगाना और सभी के मानसिक दिमाग को वैज्ञानिक दृष्टी से दिखाना उद्देश्य है जिससे सभी लोग जागरूक हो सके.

Gramin kshetra me sawachh bharat abhiyan - ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान :

Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध
Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

दोस्तों सवच्छ भारत अभियान पर निबंध के बारे में एक बात बता दूँ की इससे पहले यानि स्वच्छ भारत योजना अभियान से पहले एक और अभियान चलाया गया था जिसका नाम भारत निर्मल योजना है पर अब इसका पुनर्गठन होकर अब इसका नाम सवच्छ भारत योजन हो गया है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में घर के बाहर सौचालय न करना और ग्रामीण के हर घर में एक सौचालय बनवाना जैसे की एक बात बता दूँ की भारत सरकार ने इसको पूरा करने के लिए 11करोड़, 11 लाख सौचालय बनवाने की सोंच रखी और इसके लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ रूपए की वयवस्था की है ताकि हमारा भारत एक सवच्छ भारत अभियान के कारण सफलता का कदम चूमे और हमे भी अपने गाव कस्बे को साफ सुथरा रखना चाहिए और अपने गावं के नाले को साफ सुथरा रखना चाहिए और सवच्छ भारत अभियान में गावं का प्रधान को अछे से विचार करना चाहिए और सवच्छ भारत अभियान को सफल बनाना चाहिए और सबसे खास बात ये है की हमारे भारत में वाराणसी में ही सारनाथ में बुद्ध जी की एक बात कही थी की 


प्रदुषण केवल वातावरण को ही नही प्रदूषित करता है
बल्कि प्रदुषण आत्मा को भी प्रदूषित करता है!
तो दोस्तों बस आज के लिए बस इतना ही मिलते है अगले post में वैसे आज आपने पढ़ा की Swachh bharat abhiyan essay in hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध और Swachh bharat abhiyan slogan in hindi essay on swachata in hindi swachh bharat abhiyan slogan in hindi तो दोस्तों अगर आपको sawachhta पर कुछ कहना चाहते है तो प comment box मे comment करके बताये की आपको kya लगता है sawachhta  ठीक है या नही तो अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद्!

21 January, 2019

8:36 pm

DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?

          Dp full form, Dp ka full form kya hota hai?. Dosto Aap sabhi ne dp Word to bahut suna hoga aapke dost app se bolte honge ki aaj maine facebook ki dp change ki hai aur aur ye bhi bolte honge ki aaj maine whatsapp ki dp change ki hai aur meri whatsapp ki dp kaisi lag rahi hai? to dosto aaj mai aapko dp ke bare me hi jankari dene wala hu ki dp ka matlab kya hota hai? dp ka full name kya hotya hai? dp ka full form kya hota hai? to chaliye jante hai ki dp kya hota hai aur dp ka kya istemal hai dp full form in whatsapp, dp full form in facebook, what is dp?.

DP Ka Full Form Kya Hota Hai? DP Full Form

          Dosto waise to dp ka name to alag alag hota hai jaise ki hum facebook chalate hai to apna profile picture lagate hai aur whatsapp chalate hai to us par bhi apna dp lagate hai ya hum apane laptop ke desktop chalate hai to laptop ke screen par dp lagate hai isiko hum dp bolte hai.
DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?
DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?
          par dp ka name sahi me janana humare liye ab bahut aasaan hai kyoki ab mai bataunga dp ka full form to chaliye batata hun dp ka full form step by step.

          Waise computer science students to dp ka full form Data processing batate hai aur aise hi Math ke students Dp ka full name DIrichlet process.
          Lekin dosto aap sabhi ne to suna hoga ki mera facebook ka dp bahut mast hai mera whatsapp ka dp bahut jhakash hai par kya aap is dp ka matlab jante hai to jan lijiye jo bhi log social media par dp ka name lete hai us Dp ka full Form Display Picture hota hai.
          Agar hum kisi computer students se puchhenge ki Dp ka full form kya hota hai to wo batayega ki Dp ka full name Desktop Picture hota hai par ye wrong hai.
Social media ya messaging profile par istemaal kiye jane wala Dp ko hum Display Picture ke name se jante hai.
Facebook dp full name
DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?
          dosto pahle hum jab bhi facebook, whatsapp, instagram ETC koi bhi social media ka istemal karte the to uska koi bhi nahi lete the par baad me iska name DP rakh diya gya.

Dp lagane se kya faida hai? DP full form

          Waise dosto social media par 3 cheeze jyada matter karti hai jaise mai niche bataya hun.
N - Name
I- ID (user name, mobile number etc.)
P - Profile Picture or Display Picture.
          Dosto dp lagane se bahut se fayede hai jaise ki jab hum facebook par jate hai aur apne kisi facebook friends ka name search karte hai to bahut se logo ka profile show karne lagta hai aur name se pahchana mahut muskil hota hai jaise niche dekhye.
DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?
DP Full Form in Hindi, DP Ka Full Form Kya Hota Hai?
          Jasia ki aap uper ki photo me dekh sakte hai ki Pari Verma search karne par facebook dawara bahut se result dikhaye ja rahe hai isme aapko real person ko pahchan nhi sakte kyoki isme aapke friend ka dp nhi laga hua hai to ab aapko achhe se samajh aa gya hoga ki dp lagana kyo jaroori hai.
Whatsapp par dp full form aur dp ka faida.
          Dp ka full form whatsapp par bhi Display Picture hi hota hai par aap sabhi ko ek bata du ki jab aap whatsapp ya facebook par DP lagate hai to aap chahe to us Display Picture par protection bhi lga sakte hai agar aapko iske bare me nhi malum hai to aap facebook helpline se help le sakte hai aur dosto agar aap whatsapp par agar aap dp lagaye hai to aap whatsapp par apna DP ko hide kar sakte hai matlab ki maan lijiye ki koi ladki whatsapp chala rahi hai aur wo nhi chahati ki uska photo koi aur dekhe to wo chahe to wo apna DP delete kar sakti hai par aise kanrne se kuch faida nhi hoga DP lagane se uske liye aapko apne whatsapp ki security setting me jakar aapko apne picture ki setting me only contacts par save kar sakte hai jisase kya hoga ki aap jis aadami ka number apne mobile me save kiye honge bas usko hi aapki dp dikhai degi baki aur koi agar aapka whatsapp number apne mobile me save karta hai to usko aapki dp show nhi karegi jabtak aap uska number save nhi karte hai.

         DP full form dosto aap sabhi to ab jan chuke honge ki whatsapp par DP ka kya full form hota hai aur facebook par DP ka kya matlab hota hai aur facebook par DP ka kya fullform kya hota hai to aagar aapko kuch puchhna hoga to aap DP ke bare me comment me puchh sakte hai to dosto bas aaj ke liye bas itna hi milte hai agale post me apni kimati samaye dene ke liye aapka bahut bahut dhanyawad.

13 January, 2019

1:16 pm

Maithili Sharan Gupt In Hindi - मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय

Maithili Sharan Gupt In Hindi! मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय  Namskaar dosto mai Ranveer Verma aap sabhi ka tricks in hindi blog par bahut bahut sawagat hai dosto jaise ki aap sabhi ko malum hai ki kuch hi dino me up board ka exam hone wala hai  to mai usi ke liye kuch topic laya hu jiska name hai Maithili Sharan Gupt bio, मैथिलीशरण गुप्त की जीवन  परिचय!

Maithili Sharan Gupt In Hindi:-

मैथिलीशरण गुप्त का जीवन- परिचय:-
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म संवत 1993 वि० (सन 1886 ईस्वी ) में, चिरगांव ( जिला झांसी ) में हुआ था इनके पिता का नाम श्री रामचरण गुप्त था! सेठ रामचरण गुप्ता स्वयं एक अच्छे कवि थे! गुप्त जी पर अपने पिता का पूर्ण प्रभाव पड़ा! आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी से भी इन्हें बहुत प्रेरणा मिली! यह द्विवेदी जी को अपना गुरु मानते थे! गुप्त जी को प्रारंभ में अंग्रेजी पढ़ने के लिए झांसी भेजा गया! किंतु वहां इनका मन नहीं लगा; घर पर ही इनकी शिक्षा का प्रबंधन किया गया, जहां इन्होंने अंग्रेजी, संस्कृत और हिंदी का अध्ययन किया! गुप्त जी बड़े ही विनम्र, हंसमुख और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे! इनके काव्य में भारतीय संस्कृति का चित्रण हुआ है! इन्होंने अपनी कविताओं द्वारा राष्ट्र में जागृति तो उत्पन्न की ही, साथ ही सक्रिय रूप से असहयोग आंदोलन में भी भाग लेते रहे, जिसके स्वरूप इन है जेल भी जाना पड़ा! ‘साकेत’ महाकाव्य पर इन्हें हिंदी-- सम्मेलन,  प्रयाग से मंगला प्रसाद परितोषिक भी मिला! भारत सरकार ने गुप्त जी को इनकी साहित्य- सेवा के लिए पदम भूषण से सम्मानित किया और राज्यसभा का सदस्य भी मनोनीत किया! जीवन के अंतिम क्षणों तक यह निरंतर साहित्य- श्रीजन करते रहे! 12 दिसंबर, 1964 ईस्वी ( संवत 2021 वि० ) मां-भारती का यह महान साधक पंचतत्व में विलीन हो गया!


मैथिलीशरण गुप्त का साहित्यिक सेवाएं:-

गुप्त जी का झुकाव गीतिकाव्य की ओर था और राष्ट्र प्रेम इन की कविता का प्रमुख स्वर रहा! भारतीय संस्कृति का परिणाम चित्रण हुआ है! इन्होंने अपनी कविताओं द्वारा राष्ट्र में जागृति तो उत्पन्न की ही, साथ ही सक्रिय रूप से और सहयोग आंदोलनों में भी भाग लेते रहे, जिसके फलस्वरूप इन्हें जेल भी जाना पड़ा! ‘साकेत’ महाकाव्य पर इन हिंदी- साहित्य- सम्मेलन, प्रयाग से मंगलाप्रसाद परितोषिक भी मिला! भारत सरकार ने गुप्त जी को इनकी साहित्य सेवा के लिए पदम भूषण से सम्मानित किया और राज्यसभा का सदस्य भी मनोनीत किया!

मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं:-
गुप्त जी की समस्त रचनाएं दो प्रकार की है--
(1)  अनूदित तथा (2) मौलिक!

इनकी अनुदित रचनाओं में दो प्रकार का साहित्य है-  कुछ काव्य और कुछ नाटक! अनूदित ग्रंथों में संस्कृत के यशस्वी नाटककार भास के ‘ स्वप्नवासवदत्ता’ का अनुवाद उल्लेखनीय है! ‘ वीरांगना’, ‘ मेघनाद- वध’, ‘ वृत्र- संहार’ आदि इनकी अनूदित रचनाएं है--

साकेत:-
यह उत्कृष्ट महाकाव्य है, जो ‘ श्री राम चरित्र मानस’ के बाद राम- काव्य का प्रमुख स्तंभ है!

भारत- भारती:-
इसमें भारत की संस्कृति और गौरव का गान किया गया है!


यशोधरा:-
इसमें बुध की पत्नी यशोधरा के चरित्र को उजागर किया गया है!
द्वापर, जय भारत, विष्णु प्रिया:--
इनमें हिंदू संस्कृति के प्रमुख पात्रों के चरित्र का पुनरावलोकन कर कवि ने अपनी पुनर्निर्माण उत्कृष्ट रूप में प्रदर्शित की है! गुप्त जी की अन्य प्रमुख काव्य- रचनाएं इस प्रकार है--  रंग में भंग, जयद्रथ वध, किसान, पंचवटी, हिंदू, सैरींन्ध्री, शिध्राज, नहुष, हिडिंबा, त्रिपथगा, काबा और कर्बला, गुरुकुल, वैतालिक, मंगल घट, अजीत आदि! ‘अनघ’, ‘ तिलोत्तमा’, ‘चंद्रहास’ नामक तीन छोटे-छोटे पदबध रूपक भी इन्होंने लिखे हैं!
मैथिलीशरण गुप्त की साहित्य में स्थान:-
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि रहे हैं! खड़ी बोली को काव्य की परिष्कृत करने का जो असाधारण कौशल इन्होंने दिखाया, वह अविस्मरणीय रहेगा! उन्होंने राष्ट्रीय को जगाया और उसकी चेतना को वाणि दी है! ये भारतीय संस्कृति के यशस्वी उद्गाता एवं परम वैष्णव होते हुए भी विश्व बंधुत्व की भावना से ओत-प्रोत थे! ये सच्चे अर्थों में इस राष्ट्र के महनीय मूल्यों के प्रतिक और आधुनिक भारत के सच्चे राष्ट्र कवि थे!
तो दोस्तों उम्मीद करता हु की आप सभी को हमारा पोस्ट अच्छा लगा होगा, वैसे बता दू की आज का हमारा topic मैथिलीशरण गुप्त पर था तो अगला topic आप बताइए की हमारा kya मैथिलीशरण गुप्त पर ही रहे या किसी और पर वैसे अगर आपको कुछ समझने में परेशानी हुई तो हमें comment में बताइए हम आपकी हेल्प करेंगे! अपनी कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद्!
1:16 pm

Jaishankar Prasad In Hindi! जयशंकर प्रसाद जी का जीवन परिचय

Jaishankar Prasad In Hindi! जयशंकर प्रसाद जी का जीवन परिचय! हेल्लो दोस्तों आप सभी का tricks in hindi ब्लॉग पर बहुत बहुत स्वागत है, आप इस ब्लॉग पर technology से सम्बंधित जानकारी ले सकते है पर कुछ दिनों में एग्जाम आने वाला है तो सोचे की एक article class 12 th के students के लिख ही दिया जाये, वैसे मई भी अभी कक्षा 12वि में ही पढता हु, वैसे आज का हमार topic जयशंकर प्रसाद जी पर है जिसमे हम जयशंकर प्रसाद जी के जीवन के बारे में बताएँगे तो चलिये शुरू करते है जय शंकर प्रसाद in hindi.

Jaishankar Prasad In Hindi Step by Step:-

जयशंकर प्रसाद जी का जीवन- परिचय:-
Jaishankar Prasad In Hindi - जयशंकर प्रसाद जी की जीवन कहानी
Jaishankar Prasad In Hindi - जयशंकर प्रसाद जी की जीवन कहानी
जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में माघ शुक्ल दशमी संवत् 1945 वि० सन 1989 ईस्वी में हुआ था!  देवी प्रसाद था! ये तंबाकू के एक प्रसिद्ध थे! बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने से इनकी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई! घर पर ही इन्होंने हिंदीअंग्रेजीसंस्कृतउर्दूफारसी का गहन अध्ययन किया! ये बड़े मिलनसारहंसमुख तथा सरल स्वभाव के थे! उनका बचपन बहुत सुख से बिताकिंतु प्रकृति तथा दासीनता के कारण ये ऋणी हो गए! अपनी पैतृक संपत्ति का कुछ भाग बेचकर इन्होंने ऋण से छुटकारा पाया! अपने जीवन में इन्होंने कभी अपने व्यवसाय की ओर ध्यान नहीं दिया! परिणाम स्वरूप इनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती गई और चिंताओं ने उन्हें घेर लिया!


बाल्यावस्था से ही इन्हें कार्य के प्रति अनुराग थाजो उत्तरोत्तर बढ़ता ही गया! यह बड़े स्वाभिमानी थेअपनी कहानी अथवा कविता के लिए पुरस्कार स्वरूप पैसा भी नहीं लेते थे!  यदपि इनका जीवन बड़ा नपा- तुला और सहनशील थाकिंतु दुख के निरंतर अघातो से ये न बच सके और संवत 1994 वि० सन 1937 ईस्वी में अल्पा अवस्था में ही छय रोग से ग्रस्त होकर स्वर्ग सिधार गए!

जयशंकर प्रसाद का साहित्यिक सेवाएं:-
श्री जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रवर्तक, उन नायक तथा प्रतिनिधि कवि होने के साथ-साथ युग परिवर्तक नाटककार, कथाकार तथा उपन्यासकार भी थे! विशुद्ध मानवतावादी दृष्टिकोण वाले प्रसाद जी ने अपने काव्य अध्यात्मिक आनंदवाद की प्रतिष्ठा की है! प्रेम और सौंदर्य इनके काव्य के प्रमुख विषय रहे हैं, किंतु मानवीय संवेदना उनकी कविता का प्राण है!

जयशंकर प्रसाद जी की रचनाएं:-

प्रसाद जी अनेक विषयों एवं भाषाओं के प्रकांड पंडित और प्रतिभा संपन्न कवि थे! इन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी, निबंध आदि सभी साहित्यिक विधाओं पर अपनी लेखनी चलाई और अपने कृतित्व से इन्हें अलंकृत किया! इनका काव्य हिंदी- साहित्य की अमूल्य निधि है!

इनके प्रमुख कार्यक्रमों का विवरण निम्न है:--
कामायनी:-

यह प्रसाद जी की कालजयी रचना है! इसमें मानव को श्रद्धा और मनु के माध्यम से ह्रदय और बुद्धि के समन्वय का संदेश दिया गया है! इस रचना पर कवि को मंगला प्रसाद परितोषिक भी मिल चुका है!

आंसू:-
यह प्रसाद जी का योग का काव्य है! इसमें वियोगजनित पीड़ा और दुख मुखर हो उठा है!

लहर:-

यह प्रसाद जी का भावनात्मक काव्य- संग्रह है!

झरना:-

इसमें प्रसाद जी की छायावादी कविताएं संकलित है, जिसमें सौंदर्य और प्रेम की अनुभूति शकार हो उठी है!


कहानी:-
आकाशदीप, इंद्रजाल, प्रतिध्वनि, आंधी!

उपन्यास:-
कंकाल, तितली, इरावती ( अपूर्ण )!

निबंध:-
काव्य और कला तथा अन्य निबंध!

चंपू:-
प्रेम राज्य!
इनके अन्य काव्य-ग्रन्थ चित्राधार, कानन, कुसुम, करुणालय, महाराणा का महत्व, प्रेम- पथिक आदि है!
जयशंकर प्रसाद जी की साहित्य में स्थान:-
प्रसाद जी असाधारण प्रतिभाशाली कवि थे! उनके काव्य में एक ऐसा नैसर्गिक आकर्षण एवं चमत्कार है की सहृदय पाठक उसमें रसमग्न होकर अपनी सुध-बुध खो बैठता है! निसंदेह वे आधुनिक हिंदी- काव्य- गगन के प्रीतम तजोमय मारतंड है!
1:15 pm

Mahadevi Verma In Hindi Story

Mahadevi Verma In Hindi. hello dosto aap sabhi ka tricks in hindi blog par bahut bhaut sawagat hai, dosto is blog par technology se releted post share kiye jate ahi par mai socha ki kuch dino baad exma aa raha hai to kyu na ek lekhak ka jiska name mahadevi verma hai to unka hi jeevan parichay likha jaye to chaliye shuru karte hai Mahadevi Verma In Hindi Story.

Mahadevi Verma jeevan parichay in hindi.

Mahadevi Verma In Hindi Story
Mahadevi Verma In Hindi Story.
महादेवी वर्मा का जन्म फर्रुखाबाद के एक शिक्षित काव्यास्थ परिवार में सन 1907 ईस्वी ( संवत 1963 वि० ) में होलिका दहन के दिन हुआ था! महादेवी वर्मा के पिता श्री गोविंद प्रसाद वर्मा, भागलपुर के एक कालेज में प्रधानाचार्य थे! इनकी माता हेमरनी परम विदुषी धार्मिक महिला थी एवं नाना ब्रजभाषा के एक अच्छे कवि थे! महादेवी जी पर इन सभी का प्रभाव पड़ा और अंततः एक प्रसिद्ध कवित्री, प्राकृतिक एवं परमात्मा की निष्ठावान उपाशीका और सफल प्रधानाचार्य के रूप में प्रतिष्ठित हुई! महादेवी वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा इंदौर में और उच्च शिक्षा प्रयाग में हुई! संस्कृत से एम०ए० उत्रीण करने के बाद ये प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य हो गई! इनका विवाह नव वर्ष की अल्पायु में ही हो गया था! महादेवी वर्मा के पति श्री रूप नारायण सिंह एक डॉक्टर थे, परंतु महादेवी वर्मा का दांपत्य जीवन सफल नहीं था! विवाहोप्रांत ही महादेवी वर्मा ने ऍफ़० ए०, बी० ए० और एम० ए०  परीक्षाएं सम्मान सहित उत्रीण की! महादेवी जी ने घर पर ही चित्रकला तथा संगीत की भी शिक्षा प्राप्त की!

उन्होंने नारी- स्वतंत्रतय के लिए संघर्ष किया, परंतु अपने अधिकारों की रक्षा के लिए नारियों का शिक्षिक होना आवश्यक बताया! कुछ वर्षों तक ये उत्तर प्रदेश विधान-परिषद की मनोनीत सदस्य भी रही! भारत के राष्ट्रपति से उन्होंने ‘पदम भूषण’ की उपाधि प्राप्त की! हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से  इन्हें ‘सेकसरिया पुरस्कार’ तथा ‘मंगल प्रसाद परितोषिक’ मिला! मई 1983 ईस्वी में ‘भारत- भारती’ तथा नवंबर, 1983 ईस्वी में यामा पर ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से इन्हें सम्मानित किया गया! 11 सितंबर, 1987 ई० ( संवत 2044 वि० ) को इस महान लेखिका महादेवी वर्माका स्वर्गवास हो गया!

Mahadevi verma ji ka sahityik sevaye / महादेवी वर्मा जी का साहित्यिक सेवाएं:-

श्रीमती महादेवी वर्मा का मुख्य रचना क्षेत्र काव्य है! इनकी गाना छायावादी कवियों की बृहत चतुष्टयी ( प्रसाद, पंत, निराला और महादेवी ) में होती है!  इन के काव्य में वेदना की प्रधानता है! काव्य के अतिरिक्त इनकी बहुत-सी श्रेष्ठ गद्य-रचनाएं भी है! इन्होंने प्रयाग में ‘ साहित्यकार संसद’ की स्थापना करके साहित्यकारों का मार्गदर्शन भी किया! ‘चांद’ पत्रिका का संपादन करके इन्होंने नारी को अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति सजग किया है!

महादेवी वर्मा जी की जीवन पर महात्मा गांधी का तथा कला-साहित्य साधना पर कविंद्र रविंद्र का प्रभाव पड़ा!  इनका हृदय अत्यंत करुणापूर्ण, संवेदनायुक्त एवं भावुक था! इसलिए इनके साहित्य में भी वेदना की गहरी टिस है!

Mahadevi verma ji ki rachnayen / महादेवी वर्मा जी की रचनाएँ:-

महादेवी जी का प्रमुख कृतित्व इस प्रकार है:-

  1. निहार:-   यह इनका प्रथम प्रकाशित काव्य-संग्रह है
  2. रश्मि:-   इसमे आत्मा- परमात्मा विषयक अध्यात्मिक गीत है!
  3. नीरजा:-   इस संग्रह के गीतों में इनके जीवन-दृष्टि का  विकसित रूप दृष्टिगोचर होता है!
  4. सांध्यगीत:-  इसमें इनके श्रृंगारपरक गीतों को संकलित किया गया है!
  5. दीपशिखा:-   इसमें इनके रहस्य-भावना-प्रधान गीतों का संग्रह है!
  6. यामा:-   यह महादेवी जी के भाव-प्रधान गीतों का संग्रह है!

इसके अतिरिक्त ‘संधिनी’, ‘आधुनिक कवि’, तथा ‘सप्तपर्णा’ इनके अन्य काव्य-संग्रह:! ‘अतीत के चलचित्र’, ‘स्मृति की रेखाएं’, ‘श्रृंखला की कड़ियां’ इनकी महत्वपूर्ण गद्य रचनाएं है!


Mahadevi verma ji ki sahitya me sthan / महादेवी वर्मा जी की साहित्य में स्थान:-
निष्कर्ष रूप में महादेवी जी वर्तमान हिंदी-कविता की सर्वश्रेष्ठ गीतकार है! महादेवी वर्मा के भाव पक्ष और कला पक्ष ही दोनों ही अतिव पृष्ठ है! अपने साहित्यिक व्यक्तित्व एवं अद्वितीय कृतित्व के आधार पर, हिंदी साहित्यकांश में महादेव जी का गरिमामय पद ध्रुव तारे की भांति अटल है!
Mahadevi Verma In Hindi Story!, महादेवी वर्मा जी की कहानी! To dosto ummid karta hu ki aap sabhi achhe honge, aur aapko hamara post achha laga hoga to niche comment karke bataiyega waise aaj ka post hamara madadevi verma ji par tha agar aapko kuch aur bhi jankari chahiye mahadevi verma ji ke bare me to ya aur bhi lekhako ke bare me to aap hame comment me bataye hum aapki pusi madat karenge apana kimati samaye dene ke liye aapka bahut bahut dhanyawad.

10 January, 2019

9:48 pm

APJ abdul kalam biography in hindi - अब्दुल कलाम कौन थे?

APJ abdul kalam biography Dosto aap sabhi ko aaj mai apj abdul kalam ke bare me bataunga aur bataunga ki apj abdul kalam ka janm kahan hua tha yani abdul kalam ki jeevan parichay dunga aur kalam ji ki sari kahaniya bataunga abdul kalam ji ke bare me to chaliye shuru karte hai अब्दुल कलाम कौन थे? APJ abdul kalam biography in hindi.
APJ abdul kalam biography in hindi
APJ abdul kalam biography in hindi - अब्दुल कलाम कौन थे?

APJ abdul kalam biography in hindi:-

डॉ० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार में हुआ! उनकी पीता जैनुल आबिदीन एक नाविक थे और उनकी माता और सी अम्मा एक गृहणी थीउनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थीइसलिए अब्दुल कलाम छोटी उम्र से ही काम करना पड़ा! अपने पिता की आर्थिक मदद के लिए बालक कलाम स्कूल के बाद समाचार पत्र वितरण का कार्य करते थे!अपने स्कूल के दिनों में कलाम पढ़ाई-लिखाई में सामान्य थेपर नई चीज सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते थे! उनके अंदर सीखने की भूख थी और वह पढ़ाई पर घंटों ध्यान देते थे! अब्दुल कलाम अपने स्कूल की पढ़ाई रामनाथपुरम स्च्वातर्ज मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की और उसके बाद तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज में दाखिला लिया!जहां से अब्दुल कलाम सन 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया! वर्ष 1960 में कलाम ने मद्रास इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की! मद्रास इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद कलाम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) वैज्ञानिक के तौर पर भर्ती हुए! कलाम ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना के लिए एक छोटे हेलीकॉप्टर डिजाइन बनाकर की!
वर्ष 1969 में उनका स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो) में हुआ! यहां भारत के सेटेलाइट लांच ह्वीगल परियोजना के निदेशक के तौर पर नियुक्त किए गए थे! अब्दुल कलाम इसरो में शामिल होना कलान के कैरियर का सबसे अहम मोड़ था और जब इन्होंने सेटेलाइट लांच व्हीकल परियोजना पर कार्य आरंभ किया तब उन्हें लगा जैसे वे वही कार्य कर रहे हैं जिनमें उनका मन लगता है!



1963- 64 के दौरान उन्होंने अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन नासा की भी यात्रा की! परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्नाजिनकी देखरेख में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण कियाकलाम को वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु परीक्षण देखने के लिए भी बुलाया था! भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘ इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम’  का प्रोग्राम डॉक्टर कलान की देख-रेख में किया! अब्दुल कलाम इस परियोजना के मुख्य कार्यकारी थे! इस परियोजना ने देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइल दी है!

जुलाई, 1992 से लेकर दिसंबर, 1999 तक प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचीव थे! भारत ने पहला दूसरा परमाणु परीक्षण इसी दौरान किया था! इस में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी! आर० चिदंबरम० के साथ डॉक्टर अब्दुल कलाम इस परियोजना के समन्वयक थे! इस दौरान मिले मीडिया कवरेज ने अब्दुल कलाम देश का सबसे बड़ा परमाणु वैज्ञानिक बना दिया!

एक रक्षा वैज्ञानिक के तौर पर उनकी उपलब्धियों और प्रसिद्धि के मद्देनजर एन०डी०ए० की गठबंधन सरकार ने उन्हें वर्ष 2002 में राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया तथा 25 जुलाई, 2002 को उन्होंने भारत के 11 में राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली! डॉ कलाम देश के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न से नवाजा जा चुका था!
अब्दुल कलाम हमेशा से देश के युवाओं और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के बारे में बाते करते थे! इसी संबंध में उन्होंने देश के युवाओं के लिए ‘ व्हाइट कैन आई गिव’’  पहल की शुरुआत भी कि जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार का सफाया है! देश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें दो बार ( 2003 और 2004) ‘एम० टी० वी’ यूथ आईकॉन ऑफ द ईयर के लिए मनोनीत किया गया था!

शिक्षण के अलावा डॉ कलाम ने कई पुस्तकें भी लिखी जिनमें प्रमुख है-- ‘ इंडिया 2020: ओविजन आफ न्यू मिलेनियम,  ‘’विंग्स आफ फायर: एन ऑटोबायोग्राफी’, ‘ इगनाइटेड माइंडस  ओन्लीशिंग  द पावर विदीन इंडिया, “मिशन इंडिया’, ‘ इन्डोमिटेबल स्प्रिट’ आदि!


देश और समाज के लिए किए गए उनके कार्य के लिए डॉक्टर कलाम को अनेक पुरस्कार से सम्मानित किया गया!  लगभग 40 विश्वविद्यालयों ने उन्हें मौत की डेट की उपाधि दी और भारत सरकार ने उन्हें पदम भूषणपदम विभूषण और भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ भारत रत्न’ से अलंकृत किया! 26 जुलाईभारतीय प्रबंधन संस्थानमें अध्यापन कार्य के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद करोड़ों लोगों की प्रिय और चाहेते डॉक्टर अब्दुल कलाम परलोक सिधार गए!

तो दोस्तों उम्मीद करता हु की आप सभी को apj abdul kalam के बारे में अच्छे से जान चुके होंगे, वैसे आप सभी ने इस post में अब्दुल कलाम के परिचय के बारे में तो जान ही लिया होगा अगर आपको कुछ समझ में ना आये तो हमें निचे comment में बताये अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद्!